Wednesday, March 19, 2014

A "tragi-COMEDY" Poetry on "CORRUPTION"






भ्रष्टाचार ....!!!!!



भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचार , भ्रष्टाचार ……
हो  रहा जन-सैलाब  पे अत्याचार …!!!!!!

इस  सरकार  को  चड़ी है  मस्ती ,
तेल मेहंगा और दारु है सस्ती … !!
रसोई  का तुम दाम न पूछो,
आलू -प्याज़  का भाव न पूछो.... !!
पेट्रोल - बियर - दाल सब एक  बराबर ,
अब अमीर  भी  गरीब  के बराबर .... !!
महंगा राशन , महंगी बिजली , 
भ्रष्टाचार से हो रही वृधि … !!!!


चारे  से कोयले तक,  घोटाले ही घोटाले है .. !!
क्योंकि, इस सरकार  को वोट  हम  ही ने डाले है
अनपढ़  राबड़ी  बिहार  संभाले,
और तेलगी  स्टैम्प घोटाला  करे… !!
राजा 2G  का बजा  बजाये,
और कलमाड़ी CWG  कांड  करे …!!!!

मंत्री कहता हे मतदाता,
मत - दान  मुझे ही देना…… !!
पागल जनता उसे ही,
दान - मत  कर देती  है ……!!!! 

लेकिन जागो हे जनता,
नींद चैन कि त्यागो तुम,
सोच समझकर वोट ही देकर,
इस देश को बचाओ  तुम …!!!!
इस देश को बचाओ  तुम …!!!!


भ्रष्टाचार, भ्रष्टाचार , भ्रष्टाचार ……
हो  रहा जन-सैलाब  पे अत्याचार …!!!!!!






CA Rohit Manapure
manapurerohit@gmail.com
+91 95790 95711